देश और अपनों से प्यार

1.जीने और मरने की कसम हम भी खाया करेंगे
देश पर जिएंगे और देश पर ही मरेंगे
मर जाएंगे तो भी याद करेगी दुनिया
क्योंकि हम लोगों के दिलों में रहा करेंगे

2.आसमां खाली सा लगता है जब उसमें तारे न हों
ऐसा कभी नहीं होगा जब देश प्रेम की बात आए नाम हमारे न हों
हर गली हर मोहल्ले में जा कर के देखो
ऐसा कोई घर नहीं मिलेगा जिसकी खून से रंगी दीवारें न हों

3.आसमां खाली है तारों के बिना
नाव को मंजिल नहीं मिलेगी किनारों के बिना
मुश्किल तो कुछ भी नहीं है यहां पर
सिर्फ मुश्किल है जीना अपनों के बिना |

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