ना मैं ना तुम अब हम की पुकार बाकी है
बहुत हुई नफरत अब प्यार बाकी है
जीने के लिए बस जीने की चाह चाहिए
एक राही को चलने के लिए राह चाहिए
एक गुनहगार के लिए गुनाह चाहिए
अपनी तो बीच में है नौका पार करनी, वो मजधार बाकी है
बहुत हुई नफरत अब प्यार बाकी है
झूठ की राह पर चलना नहीं है
सच की राह पर रुकना नहीं है
सच की राह पर कांटे होंगे लेकिन डरना नहीं है
कांटो की राह खत्म होगी अब फूलों की बहार बाकी है
बहुत हुई नफरत अब प्यार बाकी है/
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