मधु विष

मधु विष पीकर खुद का गुणगान करते देखा है
जिसे चिंता नहीं अपने परिवार की , न उनके प्यार की
मैंने कोई इंसान ऐसा महान देखा है
सुना है पत्थर भी पिघल कर मोम बन जाता है
लेकिन मोम का दिल पिघल कर क्यों पत्थर बन जाता है
जिसे जरूरत है दवा की मैंने उसे विषपान करते देखा है
जिसे चिंता नहीं अपने परिवार की , न उनके प्यार की
मैंने कोई इंसान ऐसा महान देखा है/

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